The Media Voice

जूते से पिटाई, जातिसूचक गालियां, फिर सियासत की एंट्री!

कानपुर: सत्यम त्रिवेदी का आरोप है कि पनकी थानाध्यक्ष मानवेन्द्र सिंह ने थाने के अन्दर उन्हें जूतों से मारा, जिसके निशान आज भी उनके चेहरे पर मौजूद हैं और इंस्पेक्टर मानवेन्द्र सिंह ने उन्हें सिर्फ मारा ही बल्कि जातिसूचक भद्दी भद्दी गालियों से भी नवाजा।

कानपुर पनकी निवासी सत्यम त्रिवेदी अपना ये दर्द और शिकायत लेकर लखनऊ सपा कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस कर रहे अखिलेश यादव के सामने पहुंचे तो सूबे की ब्राह्मण राजनीति में उबाल आ गया।

अखिलेश यादव ने इस पूरे मामले पर सरकार औऱ प्रशासन को घेरते हुए सोशल मीडिया पर पीड़ित का वीडियो शेयर किया और लिखा ‘सत्ता सजातीय की दबंगई का शिकार हो रहा है एक खास समाज क्यों कि ‘हाता नहीं भाता’..

क्या है सत्यम त्रिवेदी का मामला:

कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र के रतनपुर निवासी सत्यम त्रिवेदी ने मीडिया को बताया कि 25 अप्रैल को उनका अपने पड़ोसी से नाली को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों पक्ष पनकी थाने गए जहां

इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह ने दूसरे पक्ष को कुर्सी पर बैठाया और मुझे जमीन में बैठा दिया और मेरे साथ गाली गलौच की, जब विरोध किया तो जूतों से पीटा गया। सत्यम त्रिवेदी ने कहा की उनके साथ ज्यादती हुई है। उन्हें जाति के नाम पर गालियां दी गईं। 25 दिन तक परेशान रहा।

जब कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई तो हार कर सोशल मीडिया पर उन्होंने अपना दर्द बयां किया, जिसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर रिएक्ट किया।

अखिलेश ने कहा कि सूबे में पुलिस सुधार की बातें केवल कागजों तक ही सीमित हैं। न्याय के लिए आज भी गरीब, पीड़ित वर्ग थानों में अपमान झेलते हैं। सत्यम त्रिवेदी इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है।

फिलहाल अखिलेश यादव के रिएक्शन के बाद सूबे की जातीय सियासत का पारा थोड़ा हाई है।

क्या आपको भी पता चला कि एक क्लिक में गायब हो सकता है आपके एकाउंट से पैसा ?