बरेली। बरेली हिंसा (Bareilly Violence) मामले में पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। तौकीर रजा इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के प्रमुख हैं और हाल ही में आई लव मोहम्मद मामले को लेकर उनके बयान और विरोध प्रदर्शन की घोषणा के बाद बरेली में हिंसा भड़की थी। इस दौरान थाना कोतवाली, प्रेम नगर और किला थानों में कई मुकदमे दर्ज किए गए। पुलिस का कहना है कि तौकीर रजा इस पूरे घटनाक्रम के मास्टरमाइंड हैं।
जांच एजेंसियों के पास टूलकिट, सोशल मीडिया पोस्ट, व्हाट्सऐप चैट, कॉल डिटेल्स, हथियार और सीसीटीवी फुटेज जैसे अहम सबूत मौजूद हैं।
Bareilly Violence में तौकीर रजा 7 एफआईआर में नामजद-
बरेली पुलिस और डीएम ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मौलाना तौकीर रजा का नाम 7 अलग-अलग एफआईआर में दर्ज है। अब तक तौकीर रजा सहित 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 39 अन्य को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने जानकारी दी कि उनके पास 200 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज हैं।
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डीएम ने बताया कि मौलाना तौकीर रजा को पहले ही चेतावनी दी गई थी कि धारा 144 लागू है और बिना अनुमति कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जा सकता, बावजूद इसके उन्होंने लोगों से इस्लामिया कैंपस आने की अपील की। तीन दिन पहले नदीम नामक व्यक्ति को भी धारा 144 की जानकारी दी गई थी और उसके अगले ही दिन मौलाना तौकीर रजा प्रशासन से मिले थे। हिंसा के दौरान 22 पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें से कुछ को छर्रे लगे हैं। उनका इलाज जारी है।
गंभीर धाराओं में दर्ज मुकदमा-
एसएसपी ने बताया कि प्रमुख एफआईआर थाना कोतवाली में दर्ज है, जिसमें धारा 109, 118 समेत कई संगीन धाराएं शामिल की गई हैं। खलील तिराहे पर जमा हुई भीड़ को पुलिस ने समझाने की कोशिश की, लेकिन लोगों ने इस्लामिया कैंपस की ओर बढ़ने का प्रयास किया। इस दौरान ईंट-पत्थर, खोखे, जिंदा कारतूस, ब्लेड और तमंचा बरामद हुआ। पुलिस अब आरोपियों की लोकेशन, उनकी भूमिका और पीछे खड़े लोगों की पहचान तकनीकी व मैन्युअल जांच से कर रही है।













