चौपारण (हजारीबाग)। धर्म, परंपरा और पारिवारिक एकता का अद्भुत संगम चौपारण प्रखंड के मध्यगोपाली गांव में देखने को मिला जहां अहमद अंसारी ने अपने पूरे परिवार सहित पुनः हिंदू धर्म में वापसी कर ली।
गांव में आयोजित किये गए विशेष समारोह में वैदिक विधि-विधान के तहत शुद्धिकरण और दीक्षा संस्कार संपन्न कराए गए। वैदिक अनुष्ठान का संचालन स्थानीय ब्राह्मण संतोष पांडेय ने किया। संस्कार के उपरांत अहमद अंसारी को उनका पूर्व नाम रामचंद्र भुइयाँ पुनः प्रदान किया गया।
रामचंद्र भुइयाँ ने कहा कि हमने यह निर्णय पूरी स्वेच्छा से लिया है। भगवान राम और कृष्ण की भक्ति तथा हिंदू धर्म की उदारता ने हमें आत्मिक रूप से जोड़ दिया है। अब हम उसी आस्था और परंपरा के मार्ग पर चलना चाहते हैं।
कार्यक्रम में रामचंद्र भुइयाँ के परिवार के सभी सदस्य बेटी, दामाद और नाती-पोते ने भी स्वेच्छा से दीक्षा ग्रहण की। सभी ने वैदिक रीति से गायत्री मंत्र का उच्चारण करते हुए धर्माचारण का संकल्प लिया।
संस्कार संपन्न कराने वाले संतोष पांडेय ने बताया कि दीक्षा की प्रक्रिया पूर्णतः वैदिक परंपरा के अनुसार की गई। इसमें यज्ञोपवीत संस्कार, संस्कार शुद्धिकरण और धर्माचारण के मूल सिद्धांतों की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण या पुनःदीक्षा का उद्देश्य किसी मत का विरोध नहीं, बल्कि अपनी जड़ों से पुनः जुड़ने की प्रक्रिया है।
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इस अवसर पर विहिप जिला गौरक्षा गौशाला संपर्क प्रमुख शेखर गुप्ता, प्रखंड अध्यक्ष संजय सिंह, प्रखंड मंत्री मुनेश्वर गुप्ता, मुखिया जानकी यादव, मोहन यादव, बैजनाथ साव, बिरजू साव, मिथुन गुप्ता, भारत सिंह, शत्रुघ्न सिंह, जुगल साव, बलराम यादव, राजेश भुइयाँ समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।













