सीतापुर/रामपुर। समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री आज़म खान को लगभग 23 महीने बाद रिहाई मिल गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मंजूर होने के बाद मंगलवार को वह जेल से बाहर आए। आज़म खान (Azam Khan) जेल के अंदर से ही गाड़ी में बैठकर बाहर निकले औऱ बाहर मौजूद अपने समर्थकों का अभिवादन किया। आजम के जेल से निकलते ही उनके दोनों बेटे अदीब और फरहान उल्ला खान अपने समर्थकों के साथ उन्हें लेने पहुंचे। जेल से निकल कर वो 100 गाड़ियों के काफिले के साथ अपने पैतृक घर रामपुर जा रहे हैं।
Azam Khan आजाद तो हुए लेकिन आगे की राह आसान नहीं ?
एक दौर था जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में आजम खान का सियासी दबदबा साफ नजर आता था। लेकिन 2017 के बाद आए सियासी बदलावों का सबसे गहरा असर उन पर और उनके परिवार पर पड़ा। योगी सरकार के कार्यकाल में आज़म ख़ान पर कानूनी शिकंजा इस कदर कसा कि उनके खिलाफ एक के बाद एक कर लगभग 104 मुकदमें दर्ज हो गए। इनमें से 12 मामलों में अदालत का फैसला आ चुका है। दिलचस्प यह है कि 8 मामलों में उन्हें बरी कर दिया गया है, जबकि 4 मामलों में सजा सुनाई गई है। बाकी मामलों में सुनवाई अभी जारी है।
सूबे की राजनीति में आये बदलाव के बाद आजम ख़ान ही नहीं, बल्कि उनका पूरा परिवार भी मुकदमों के जाल में उलझता चला गया। उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म पर 43 केस दर्ज हैं तो उनकी पत्नी और पूर्व सांसद तंजीम फ़ातिमा के खिलाफ भी 35 मामले लंबित हैं। बड़े बेटे अदीब पर भी करीब 20 मुकदमें दर्ज किए गए हैं।
इस तरह पूरे परिवार पर कुल मिलाकर लगभग 200 मुकदमे दर्ज हुए। जानकारी के मुताबिक इनमें से अब तक सिर्फ 12 मामलों में ही अदालत ने अपना निर्णय दिया है। बाकी मामलों में कानूनी प्रक्रिया जारी है।
राजनीतिक गलियारों में आज़म ख़ान और उनके परिवार के खिलाफ दर्ज इन मुकदमों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहती हैं। उनके समर्थक इसे राजनीतिक बदले की कार्यवाही मानते हैं, जबकि उनका विपक्षी इसे क़ानून का स्वाभाविक परिणाम करार देते हैं, लेकिन इतना तो तय है कि मुकदमों की यह लंबी लड़ाई आने वाले समय में भी आज़म ख़ान और उनके परिवार की सियासत पर गहरा असर डालती रहेगी।
सपा नेता आजम खान की रिहाई पर बोले अखिलेश..
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज़म ख़ान की रिहाई पर खुशी जताते हुए अदालत का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा – हमें पूरा भरोसा था कि न्याय मिलेगा। आने वाले समय में एक भी झूठा मुकदमा नहीं टिकेगा। रामपुर के विधायक, बीजेपी नेता और वह अधिकारी जिसे लगातार एक्सटेंशन मिला है, अब और अन्याय नहीं कर पाएंगे।
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