कानपुर: इंडियन स्पीच थेरेपी एंड रिहैब सेंटर (Indian Speech Therapy and Rehab Center), उस्मानपुर में रविवार को शिक्षकों के सम्मान हेतु विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में शहर के कई नामी शिक्षकों व साहित्यकारों को शॉल, माला और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महाराणा प्रताप ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के निदेशक डॉ. विवेक सिंह ने कहा कि “शिक्षक होना अलग बात है और शिक्षक की योग्यता हासिल करना अलग बात। एक बेहतर शिक्षक वही है, जो सिर्फ सिखाए ही नहीं बल्कि स्वयं भी उस पर अमल करे।”
मोटिवेशनल स्पीकर व अंग्रेजी अध्यापक अरुणेन्द्र सोनी ने कहा कि “शिक्षण कार्य को केवल धन कमाने के रूप में देखना गलत है। असल में शिक्षक ही देश का निर्माण करते हैं। हम जैसा ज्ञान बच्चों को देंगे, वैसा ही देश बनेगा।”
इस अवसर पर आईआईटी-जेईई के गणित शिक्षक अजय शुक्ला, वायरल गुरु शिवेंद्र सिंह बघेल, अंग्रेजी शिक्षक सुनील द्विवेदी, साहित्यकार व शिक्षिका पल्लवी गर्ग और बायोलॉजी ट्रंक के माध्यम से नीट की तैयारी कराने वाले राम गोपाल अवस्थी को सम्मानित किया गया।
साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार से सम्मानित व बेस्टसेलर लेखक भगवंत अनमोल ने कहा कि “आज ज्ञान की कमी नहीं है…
गूगल, चैटजीपीटी, जैमिनी या ग्रोक..हर जगह जानकारी उपलब्ध है, लेकिन असली चुनौती यह है कि उस ज्ञान को सही तरीके से शिष्य तक पहुँचाया जाए और उनके दिलो-दिमाग में उतारा जाए।”
इंडियन स्पीच थेरेपी एंड रिहैब सेंटर के इस कार्यक्रम का संचालन रेडियो सखी रंजना यादव और राघवेन्द्र सिंह ने किया।
युवा साहित्यकार व उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान से पुरस्कृत लेखक अंकुर मिश्रा ने आभार व्यक्त किया और सभी शिक्षकों का सम्मान किया।

इस मौके पर लेखिका लता कादम्बरी, मृदुल कपिल, अतुल आक्रोश, संजीव मिश्रा सहित अन्य साहित्यकार व समाजसेवी उपस्थित रहे और सभी ने अपने अनुभव साझा किए।













