फर्रुखाबाद : उत्तर प्रदेश पुलिस के ऑपरेशन कनविक्शन के तहत जिले के चर्चित बसपा नेता अनुपम दुबे और उनके साथी बालकृष्ण उर्फ शिशु को चर्चित ठेकेदार शमीम हत्याकांड में अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
जेल में बंद अनुपम दुबे को इससे पहले वर्ष 2023 में एक पुलिस इंस्पेक्टर की हत्या के मामले में भी उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी थी।
अब ठेकेदार शमीम की हत्या में सजा मिलते ही वह दोहरे आजन्म कारावास का दोषी ठहराया गया है।
क्या था मामला, जिसमें मिली सजा ?
फतेहगढ़ में वर्ष 1995 में हुए पीडब्ल्यूडी ठेकेदार शमीम हत्याकांड में लंबे समय बाद फैसला आया है।
कोर्ट ने माफिया अनुपम दुबे और उसके करीबी बालकृष्ण उर्फ शिशु को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों दोषियों पर 1 लाख 3 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मथुरा जेल से फतेहगढ़ कोर्ट पहुंचा माफिया अनुपम दुबे:
माफिया दुबे को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मथुरा जेल से फतेहगढ़ न्यायालय में पेश किया गया।
इस दौरान कचहरी परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था, जहां सीओ समेत भारी पुलिस बल तैनात रहा। गौरतलब है कि इससे पहले भी कानपुर की अदालत दुबे को उम्रकैद की सजा सुना चुकी है।
आलीशान होटल पर चल चुका है योगी सरकार का बुलडोज़र:
अक्टूबर 2023 में फर्रुखाबाद की ठंडी सड़क पर स्थित दुबे का करोड़ों की कीमत वाला लग्जरी होटल गुरु शरणम पैलेस प्रशासन ने बुलडोज़र से ध्वस्त कर दिया था।
आपको बताते चलें कि अनुपम दुबे ने वर्ष 1995-1996 में अपने पिता महेश दुबे की हत्या का बदला लेने के लिए दो हत्याओं को अंजाम दिया था। इन मामलों में भी अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा दी थी।













