कानपुर। उत्तर प्रदेश में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने आठ प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं। इनमें कानपुर से जुड़े वरिष्ठ भाजपा नेता और प्रदेश पिछड़ा वर्ग मोर्चा के अध्यक्ष प्रकाश पाल को भी प्रत्याशी बनाया गया है। उनके नाम की घोषणा के बाद कानपुर सहित कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के पार्टी कार्यकर्ताओं में खुशी और उत्साह का माहौल है।
भाजपा की सूची में प्रकाश पाल के साथ धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को भी राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया गया है। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव प्रस्तावित है। मतदान 16 अक्टूबर को होना है।
संगठन में कई अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं पाल-
प्रकाश पाल फिलहाल भाजपा उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जून 2026 में हुए संगठनात्मक बदलाव में पार्टी ने उन्हें यह दायित्व सौंपा था। इससे पहले वह भाजपा के कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं। संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहते हुए उन्होंने क्षेत्र में पार्टी के कार्यक्रमों और अभियानों को मजबूती देने में भूमिका निभाई।
राज्यसभा के लिए नाम तय होने के बाद प्रकाश पाल का राजनीतिक प्रभाव प्रदेश संगठन से आगे राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता नजर आ रहा है। उनकी उम्मीदवारी को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
सामाजिक समीकरण साधने का संदेश-
प्रकाश पाल को पाल समाज के साथ ही पिछड़े वर्ग के बीच भाजपा के प्रमुख चेहरों में माना जाता है। ऐसे में उनकी राज्यसभा उम्मीदवारी को सामाजिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने की पार्टी की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। भाजपा की सूची में ओबीसी, दलित और सामान्य वर्ग को प्रतिनिधित्व दिया गया है।








