कानपुर। जिला निर्वाचन अधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के बाद नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से छूटे पात्र नागरिकों, पहली बार मतदान करने वाले युवाओं और अन्य वंचित वर्गों के पंजीकरण के लिए विशेष अभियान चलाने पर चर्चा की गई।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग का उद्देश्य निर्वाचक नामावली को त्रुटिरहित और शुद्ध बनाना है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपने बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) को सक्रिय कर बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के साथ समन्वय बढ़ाने की अपील की।
उन्होंने बताया कि 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची जनपद की एनआईसी वेबसाइट पर उपलब्ध है। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि सूची का अवलोकन कर किसी भी त्रुटि या विसंगति की जानकारी संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को दे सकते हैं।
अभियान के तहत पूर्व की सूची में शामिल, लेकिन वर्तमान सूची से गायब मतदाताओं की स्थिति का घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा। इसमें 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं, दिव्यांगजनों, बेघर नागरिकों, बुजुर्गों और महिला मतदाताओं के पंजीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मतदाता पंजीकरण के लिए बूथ स्तर पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। शिक्षण संस्थानों और स्वीप गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी। नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 तथा नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 के माध्यम से आवेदन किया जा सकेगा। आवेदन बीएलओ, ईआरओ कार्यालय, निर्वाचन आयोग की वेबसाइट या ECINET ऐप से भी किया जा सकता है।
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. विवेक चतुर्वेदी, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी अजय श्रीवास्तव सहित भाजपा, कांग्रेस, बसपा, सपा, अपना दल और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।










